गोंड वेलफेअर एम्प्लोयीस एसोसीएशन की स्थापना सुरहू राम गोंड द्वारा ८/८/९८ को इलाहाबाद में किया गया | जिसके मुख्य अथिति माननीय "जगदम्बिका पाल" जो की पूर्व मुख्यमंत्री थे | संगठन की स्थापना का उद्देश्य बामसेफ के अनुसार सगा समाज के अधिकारियों के मध्य एकता, सद् भाव तथा नौकरी में सुरक्षा प्रदान करना था | वाराणसी में माननीय श्री फग्गन सिंह कुलस्ते केंद्रीय राज्य मंत्री, जनजाति मंत्रालय के द्वारा संघ का संविधान तथा पत्रिका का विमोचन किया गया एवं गोंड जाति को संपूर्ण उत्तर प्रदेश में जनजाति के रूप में घोषित करने हेतु मांगपत्र दिया गया | संघ तथा सामाजिक संगठन के अथक प्रयासों से उत्तर प्रदेश के केवल १३ गोंड बाहुल्य जिलों में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई | वर्ष २००४ में संघ का अधिवेशन "corporative सभागार , विधान सभा मार्ग, लखनऊ" में हुआ जिसमे मुख्य अथिति विधान सभा अध्यक्ष श्रीमान "माता प्रसाद पाण्डेय" जी रहे |

संघ का पंजीकरण लगातार प्रयास करने के बाद "अक्टूबर २००८" में लखनऊ में किया गया, जिसकी पंजीकरण संख्या "२७०९/२००८-०९" है |
संघ का खाता "यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, कैसरबाग़, लखनऊ में जिसकी खाता संख्या 353302010819533 है |

गोंड वेलफेअर एम्प्लोयीस एसोसीएशन के प्रयासों को जन जन तक पहुँचाने के लिए "गोंडइंडिया .ओर्ग " के नाम से एक वेबसाइट शुरू की गयी | संघ के अथक प्रयासों व जनजागरण की भावना से वर्तमान समय २०१०-११ में सदस्यों की संख्या ५००+ हो चुकी है | संस्था की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य सगा समाज के उत्थान, बेहतर जीवन यापन, सिक्षा, व्यवसाय, सरकारी योजनायों का बेहतर उपयोग, सजातीय लड़के लड़किओं का विवाह, निर्धन गरीब छात्रों को आर्थिक सहायता आदि है |